21 मार्च 2010

Hindi Novel : Elove ch-39 नो बडी वील मुव्ह

अंजली अपने कुर्सीपर बैठकर कुछ ऑफीशियल कागजाद उलट पुलटकर देख रही थी और उसके बगलमेंही शरवरी कॉम्प्यूटरपर बैठकर कुछ ऑफीशियल काम कर रही थी. तभी कॉम्प्यूटरका बझर बजा. अंजलीने पलटकर मॉनिटरकी तरफ देखा.

'' उसकाही मेसेज है '' शरवरीने बताया.

अंजली उठकर कॉम्प्यूटरके पास गई. उसके आतेही कॉम्प्यूटरके सामनेसे उठकर उसने अंजलीको जगह दे दी.

'' जा जल्दी जा ' अंजलीने कॉम्प्यूटरके सामने बैठते हूए शरवरीसे कहा.

शरवरी तुरंत वहांसे निकलकर कॅबिनके बाहर चली गई. अंजलीके कॅबिनसे बाहर आकर शरवरी सीधे बगलके रुममें चली गई. वहां इन्स्पेक्टर कंवलजित और वे दोनो कॉम्प्यूटर एक्स्पर्टस एक कॉम्प्यूटरके सामने बैठे थे. शरवरी जल्दी जल्दी उनके पास गई. उसकी आहट होतेही तिनो पलटकर उसकी तरफ मुडकर देखने लगे.

'' जैसे आपने बोला था वैसाही हो गया ... ब्लॅकमेलरका फिरसे मेसेज आ गया है ... '' शरवरी जल्दी जल्दी आनेसे सांस फुले स्थितीमें बोली.

वे दोनों कॉम्प्यूटर एक्सपर्टस कुछ ना बोलते हूए अपने काममें लग गए.

'' सुरज... कम ऑन... इस बार किसीभी हालमें साला छुटना नही चाहिए.... ''

'' सर ऍज बिफोर दिस टाईम ऑल्सो हि इज कॉलींग फ्रॉम मुंबई... और उसका आय पी ऍड्रेस देखिए ...'' एक्सपर्टने सॉफ्टवेअरके कुछ रिपोर्ट्स देखते हूए कहा.

वह बोलनेके पहलेही इन्सपेक्टरने मुंबईको इन्स्पेक्टर राजको फोन लगाया,

'' हां राज ... फिरसे हमने ब्लॅकमेलरको ट्रेस किया है ... अबभी वह चटींगही कर रहा है ... तुम उसकी एक्सॅक्ट लोकेशनका पता करो ... ऍन्ड सी दॅट दिस टाईम द बास्टर्ड शुड नॉट एस्केप... और हां उसका आय पी ऍड्रेस लिख लो ...''


अतूल सायबर कॅफेमें एक कॉम्प्यूटरके सामने बैठकर चॅटींगमें उलझा हुवा था.

'' मिस अंजली... हाय कैसी हो ?'' उसने मेसेज टाईप कर भेजा.

काफी समय हो गया था फिरभी उसका जवाब नही आया था. लेकिन उसका नामतो चॅटींगमें दिख रहा था.

कॉम्प्यूटर खुला छोडकर कही गई तो नही साली...

या फिर अपना अचानक मेसेज आनेसे गडबडा गई होगी ...

उसने सोचा. अबभी उसका मेसेज आया नही था. गुस्सेसे उसका चेहरा लाल होने लगा था. तभी उधरसे मेसेज आ गया , '' ठिक हूं ''

तब कहा अतूलने चैनकी सांस ली. वह अब अगला मेसेज, जो उसके लिए बहुत महत्वपुर्ण था, टाईप करने लगा,

'' तुम्हे फिरसे तकलिफ देते हूए मुझे बुरा लग रहा है ... लेकिन क्या करे? ... पैसा यह साली चिजही ऐसी है ... कितनेभी संभलकर इस्तमाल करो तो भी खतम हो जाती है ... मुझे इस बार 20 लाख रुपएकी सख्त जरुरत है ...''

अतूलने टाईप कर मेसेज भेजभी दिया.

'' अभी तो तुम्हे 50 लाख रुपए दिए थे मैने ... अब मेरे पास पैसे नही है ...'' उधरसे अंजलीका दोटूक जवाब आया.

'' बस यह आखरी बार ... क्योंकी यह पैसे लेकर मै परदेस जानेकी सोच रहा हूं '' विवेकने कुछ सोचकर टाईप किया और 'सेंड' बटनपर क्लिक किया.

'' तुम परदेस जावो ... या और कही जावो ... मुझे उससे कुछ लेना देना नही है ... देखो ... मेरे पास कोई पैसोका पेढ तो है नही ... '' अंजलीका मेसेज आया.

अतुलको फिरसे गुस्सा आ रहा था, लेकिन अपने गुस्सेपर काबू करते हूए उसने टाईप किया.

'' ठिक है ... तुम्हे अब मुझे कमसे कम 10 लाख रुपए तो भी देने पडेंगे ... पैसे कब कहा और कैसे पहूंचाने है वह मै तुम्हे मेल कर सब बता दुंगा ...''

उसने 'सेंड' बटनपर क्लिक कर मेसेज भेज दिया, और चॅटींग सेशनसे लॉग आऊटभी कर दिया. वह अंजलीसे जादा बहस नही करना चाहता था.


अब अतुल मेलबॉक्स खोल रहा था, तभी उसका ध्यान यूंही खिडकीके बाहर गया और वह भौंचक्का होकर उधर देखने लगा. बाहर एक पुलिस इन्स्पेक्टर और, और एक दो पुलिस तेजीसे सायबर कॅफेके तरफही आ रहे थे. अब अतूलके हरकतोंमे तेजी आ गई. उसने झटसे अपना कॉम्प्यूटर ऑफ किया और काऊंटरपर पैसे देकर वह सायबर कॅफेसे बाहर निकल गया. वह बाहर निकल गया उसके बाद कुछ पलही गुजर गए होंगे जब जल्दी जल्दी पुलिस इन्स्पेक्टर और उसके साथी सायबर कॅफेमें घुस गए. सायबर कॅफेमें प्रवेश करतेही इन्सपेक्टरने ऐलान किया,

'' नो बडी वील गो आऊट ऑफ दी कॅफे... ऑल ऑफ यू स्टे व्हेअर यू आर... नो बडी वील मुव्ह ''


अंजलीके कॅबिनके बगलके रुममें दो कॉम्प्यूटर एक्सपर्टस, अंजली और शरवरी बडी आस लगाए मोबाईलपर बोल रहे इन्स्पेक्टर कंवलजितकी तरफ देख रहे थे.

इन्स्पेक्टरने मोबाईल अपने कानसे हटाया और मायूसीसे अंजलीकी तरफ देखते हूए कहा,

'' द बास्टर्ड इस मॅनेज्ड टू एस्केप अगेन...''

अंजली और शरवरी ने एकदुसरेकी तरफ देखा, उनके खिले हूए चेहरे मायूस हो गए थे.

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