01 अप्रैल 2011

भूलना भूल जाएं

कुछ छात्र ऐसे होते हैं जो प्रश्नों को ध्यान से न तो पढ़ते हैं और न ही विषय को समझने की कोशिश करते हैं। ऐसे छात्र  रट्टा लगा कर विषय सामग्री को याद करते हैं, लेकिन जैसे ही परीक्षा होती है और प्रश्न आ जाते हैं जो की नहीं रटे गए हैं ऐसी स्थिति में वह छात्र रटा हुआ भी भूल जाता है। भूलने का कारण यह होता है की छात्र ने विषय को ध्यान से नहीं पढ़ा, बल्कि उसका रट्टा लगाया है। बहुत से छात्र ऐसे भी होते हैं, जिनकी समस्या कुछ-कुछ भूलने से सम्बंधित होती है। उनका दसवीं या बारहवीं तक तो परीक्षा परिणाम अच्छा आता है परन्तु काँलेज में आते ही अंकों का स्तर गिरने लगता है। इसका मुख्य कारण यह है की स्कूल के दिनों में छात्र अनुशासन में रहते हैं परन्तु काँलेज में आते ही वह स्वतंत्र हो जाते हैं और इसका सारा असर उनके परीक्षा परिणाम पर पड़ता है और छात्रों को लगता है की अब उन्हें ठीक से चीजें याद नहीं हो पा रही हैं। अच्छी याददाश्त का होना बहुत ही महत्वपूर्ण है अतः जरूरी है की आप अपनी भूलने की आदत को सुधारें। अभ्यास एवं कुछ सरल तकनीकों को अगर आप अपनाएं तो भूलने की बीमारी को सुधारा जा सकता है।

    एकाग्रचित होकर पढ़ें इससे आप सामान्य की उपेक्षा दस गुना अधिक याद रख पाएंगे।
    बेहतर स्मृति के लिए आवश्यक है की आप याद की गयी पाठ्य सामग्री को दोहराएं। हालांकि  इससे बुद्धि में कोइ सीधा इजाफा नहीं होता, किन्तु बार-बार दोहराव आपके लिए कुछ ऐसा अवश्य छोड़ जाता है, जिससे स्मृति में बढ़ोतरी होती है। जो भी याद करना हो उसे बोलकर याद कीजिये और अंत में याद किये हुए को लिख डालिए।
    किसी नई चीज को सीखने के लिए यह आवश्यक है कि आप तनाव मुक्त एवं थकान रहित रहें। भूलने की बीमारी से छुटकारा पाने के लिए आप रोजाना सुबह-शाम 10 से 15 मिनट तक यह व्यायाम अवश्य करें। सबसे पहले आप बिस्तर पर सीधा लेट जाए। उसके पश्चात अपने दिमाग से सब कुछ निकाल दें और पूरी ताकत से अपने शरीर को कास लें। फिर धीरे-धीरे अपने शरीर को ढीला छोड़ दें।

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