12 जनवरी 2010

आपको मिलेगा भगवान ध्यान का लाभ

- श्री भगवान को प्रेम से जगाओ आपका भाग्य जागेगा।
- श्री भगवान को स्नान कराओ तो आपके सब पाप धुल जाएँगे।
- श्री भगवान को चरणामृत प्रेम से पान कराओ आपकी मनोवृत्ति बदल जाएगी।
- श्री भगवान को तिलक लगाओ आपको सर्वत्र सम्मान मिलेगा।
- श्री भगवान के चरणों का तिलक स्वयं भी लगाओ आपका मन शां‍त होगा।
- श्री भगवान को भोग लगाओ आपको संसार के सभी भोग मिलेंगे।
- श्री भगवान का प्रसाद स्वयं भी पाओ, आप निष्‍पाप हो जाओगे।
- श्री भगवान के सम्मुख दीप जलाओ आपका जीवन प्रकाशवान होगा।
- श्री भगवान को धूप लगाओ आपके दुख के बादल स्वत: छट जाएँगे।
- श्री भगवान को पुष्प अर्पित करो आपके जीवन की बगिया महकेगी।
- श्री भगवान का भजन-पाठ करो आपका यश बढ़ेगा।
- श्री भगवान को प्रणाम करो संसार आपके आगे झुकेगा।
- श्री भगवान के आगे घंटनाद करो आपकी दुष्प्रवृत्तियाँ दूर होंगी।
- श्री भगवान के आगे शंखनाद करो आपकी काया निरोगी रहेगी।
- श्री भगवान को प्रेम से शयन कराओ आपको चैन की नींद आएगी।
- श्री भगवान के दर्शन करने नित्य मंदिर जाओ आपके दुख में प्रभु दौड़े चले आएँगे।
- श्री भगवान को अर्पण कर ही वस्तु का उपभोग करो आपको परमानंद मिलेगा।
- श्री भगवान को लाड़-प्यार से खिलाओ संसार आप पर रिझेगा।
- श्री भगवान से ही माँगो जो चाहोगे वो आपको मिलेगा। (अन्य से नहीं)
- श्री भगवान का प्रसाद मान सुख-दुख भोगो आप सदा सुखी रहेंगे।
- श्री भगवान का ध्यान करो प्रभु अंत समय तक आपका ध्यान रखेंगे।
.
.
इन्हें भी देखिएं :-
.
ब्रह्म मूहर्त क़ी महत्ता
विवाह
यज्ञोपवीत
आरती क्यों और कैसे ?
विष्णु पुराण
तीस दिनी धनुर्मास महोत्सव
पितृ कौन, उनकी पूजा आवश्यक क्यों?
सामाजिक समरसता का प्रतीक दशहरा
साधना रहस्य
हिंदू 'पंचांग' की अवधारणा
दशहरे के विविध रंग - देश के विभिन्न हिस्सों से
दशहरा या विजयादशमी
वेदों का इतिहास जानें
हिन्दू 'पंचांग' की अवधारणा
कर्म काण्ड से होती है मन क़ी शुद्धि
मूहर्त : क्या है इसकी उपयोगिता
यमराज : धर्मराज
माता-पिता क़ी सेवा सबसे बड़ा धर्म
अरण्य संस्कृति का प्रतीक : कल्पवास
प्रार्थना में होती है बड़ी शक्ति
अमृत पर्व पर कुम्भ का महत्व
रामायण जी का महात्म्य

Related Posts with Thumbnails