15 जून 2010

दैवीय शक्ति का स्त्रोत चंदन ( Sandalwood source of divine power )

हिन्दू धर्म में चंदन का प्रयोग अक्षर धार्मिक अनुष्ठïन के लिए किया जाता है। चंदन का प्रयोग मंदिरों में मूर्तियों पर लगाने के लिए भी किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि इसे लगाने से व्यक्ति दैवीय शक्ति के नजदीक हो जाता है। चंदन की लकड़ी के तेल का प्रयोग जो कि बहुत मंहगा है यह मुख्यत: आयुर्वेद में इलाज के लिए भी काम में लाया जाता है। इसके प्रयोग से तनाव कम करने मदद मिलती है। ऐसा विश्वास किया जाता है चंदन की सुगंध से व्यक्ति को ध्यान लगाने में मदद मिलती है। चंदन का प्रयोग चीन और जापान में भी धार्मिक अनुष्ठानों में किया जाता है।

चंदन एक भारतीय पौधा है जिसकी असाधारण खुशबू होती है। चंदन के पेस्ट का प्रयोग विष्णु और शिव के भक्त तिलक लगाने में भी करते है। ऐसी भी मान्यता है कि इस तिलक से भोंहे के बीच अग्न चक्र की रक्षा होती है। चंदन की लकड़ी वैसे भवन निर्माण के लिए ठीक नहीं है फिर भी भारत में कुछ मंदिर चंदन की लकड़ी से बनाए गए है। उन मंदिरों मे चंदन की खुशबू शताब्दियों तक रही। चंदन का प्रयाग ज्वैलरी बॉक्स बनाने में भी किया जाता है।

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