25 मई 2011

शहरों में अपनी सुरक्षा खुद करती हैं युवतियां

स्मिता जब अपना छोटा सा शहर छोड़कर दिल्ली जैसे बड़े महानगर में आई तो काफी परेशान हो उठी। नए-नए चेहरे, कोई जान-पहचान नहीं, कहाँ रहें, क्या खाएं, किससे बात करें? किससे दूरी रखें? ये सारी बातें उसके कंरियर में रूकावट डालने लगीं। रोमांच भरी काँलेज लाइफ और नौकरी के बेहतर विकल्प के कारण छोटे शहरों की लड़कियों का रूझान बड़े शहरों की तरफ से तेजी से हो रहा है। ऐसे में उनके सामने सबसे बड़ा सवाल उठाता है उनकी सुरक्षा का। आए दिन लड़कियों से छेड़छाड़ और दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। कई लडकियां परुषों की बुरी नज़रों का सामना हर दिन करती हैं। सड़कों पर, बस में, ट्रेन में या फिर मेट्रो में। ऐसे में किसी पर भरोसा करना उनके लिये मुश्किल होता है। पिछले दिनों बिहार से दिल्ली आई एक युवती के पड़ोस के युवक ने दोस्तों के साथ मिलकर उसकी अस्मत तार-तार कर दी।

हमेशा सुरक्षित जगह रहें
ज्यादातर कालेज युवतियों के लिये रहने के लिये सुरक्षित जगह तलाश करना बेहद जोखिम भरा होता है। हाँस्टल में लड़कियों को छोटा कमरा दे दिया जात है जिसके बदले उनसे अच्छी खासी रकम वसूली जाती है। इस कारण शहर से आने वाली युवतियों के लिये हमेशा आर्थिक समस्या बनी रहती है। पेइंग गेस्ट या कोई रहने की जगह तलाशना अक्सर बड़े शहरों में युवतियों के लिये चुनौतीपूर्ण रहता है। ज्यादा आप एजेंटों पर भरोसा करते हैं। क्योंकि उनके बगैर घर पाना बेहद ही मुश्किल होता हैं। कोशिश करें आप हमेशा एजेंट के बहकावे में न आएं। किराए का फ़्लैट लेने से बेहतर होगा आप अपने लिए हाँस्टल तलाशें, जहाँ लडकियां रहती हों।

किसी पर भी भरोसा न करें।
अक्सर देखा जाता है कि युवतियां जल्द ही किसी अजनबी या कालेज के साथ पढने वाले छात्र पर आसानी से भरोसा कर लेती हैं। नतीजा यह होता है कि वह आर्थिक, मानसिक और शारीरिक हर तरह से शोषित की जाती हैं। आए दिन छेड़छाड़ और बलात्कार जैसी घटना इसी कारण होती हैं। कोशिश करें कि जब आप बाहर जा रहें हों तो वहां आपकी जान-पहचान का कोई होना चाहिए। वह आपका 'लोकक गार्जियन' हो सकता है।

सुनसान जगह अकेली न जाएं
छोटे शहरों की युवतियां बड़े शहरों में जाती हैं तो उन्हें वहां की जगह के बारे में कुछ पता नहीं होता। युवतियां अनजाने में सुनसान जगहों पर अकेले चली जाती हैं और हादसों का शिकार हो जाती हैं। अकेले जाने से अच्छा है आप अपनी सहेली के साथ जाएं या समूह में जाएं। इस तरह आप अप्रिय घटना से बच सकती हैं। हालांकि ऐसा जरूरी नहीं। पिछले दिनों दिल्ली के अलीपुर इलाके में मिनी स्टेडियम में प्रैक्टिस के दौरान कुछ युवकों ने किकबाक्सिंग महिला खिलाड़ियों से छेड़छाड़ की।

बुरी नजरों पर रखें नजर
ज्यादातर युवतियां बड़े शहरों की चकाचौंध देखकर अक्सर धोका खा जाती हैं। बड़े शहरों में आकर वह हर तरफ से तंग होती हैं। बाईस साल क़ी दिव्या जब नैनीताल से दिल्ली आई तो उसे यहाँ कहीं जाने में बहुत दिक्कत होती। जब भी वह बस में सफ़र करती तो लोग उसे बुरी नजर से देखते। आँटों वालों के साथ भी कुछ ऐसा ही था। वह हमेशा ज्यादा पैसे की मांग करते जिससे दिव्या को खासी परेशानी होती। इन दिक्कतों से बचने के लिये इमरजेंसी नंबर अपने मोबाइल में फीड करके रखें। विश्वसनीय दोस्त, सहेली और लोकर गार्जियन के संपर्क में रहें।
         सुरभि ने जब मेरठ छोड़ा तो उसे दिल्ली जैसे बड़े शहर में कोई दिक्कत नहीं हुई। अपने शहर में उसने पढाई पूरी की और दिल्ली आते ही काम करना शुरू कर दिया। उसने कुछ अच्छे दोस्त भी बना लिये। सुरभि का माना है कि आपकी सुरक्षा आपके हाथ में है। इसके लिये जरूरी है कि आप हाँस्टल या घर से निकलते ही मोबाइल आन रखें। हमेशा सतर्क रहें। किसी भी बस में अकेले सफर न करें। ऑटो लें तो उसका नंबर नोट कर लें। जरूरत पड़ने पर पुलिस को काँल कर सकती हैं। पार्क में या सुनसान जगह साथी के साथ भी न बैठें। अनजान जगह अकेले जाने से बचें।

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