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29 अप्रैल 2012

टोने टोटके - कुछ उपाय - 15 (Tonae Totake - Some Tips - 15)

पढाई में मन लगाने के लिए : 
जो बच्चे गूंगे हैं अथवा हकलाते हैं, बार-बार परिक्षा में फेल हो जाते हैं और जिनका मन पढाई में नहीं लगता है। उन बच्चों को रविवार के दिन इस मंत्र से 21 बार अभिमंत्रित कर जल पिलायें। जो बच्चे जप कर सकते हैं वे प्रतिदिन एक माला जप करें। मंत्र: ॐ वान्याई ऐं वाण्यै स्वाहा 11 इसी से पढ कर जल भी पिलायें। चमत्कारिक लाभ होगा।

ऊपरी बाधा को छुडाने के लिए :
हजार दाना नमक एक छोटा सा एकदम लहसन के आकार में, यह मंद होता है तथा दुर्लभ वनस्पति है। इसकी एक कली को तोडने पर सैकडों की तादाद से अत्यंत सूक्ष्म सफ़ेद बीज निकलते हैं। यह पौधा तालाब में कहीं कहीं पाया जाता है। इसका कंद या कली जो भी उपलब्ध हो लाकर किसी भी शुभ मुहूर्त में ताबीज में डालकर गले या भुजा में धारण करें। किसी तांत्रिक द्वारा अभिचार किये जाने पर एक बार में इसका मात्र एक दाना चटक जाता है और लोग सुरक्षित बच जाते हैं। जब कि एक कली में सैकडों की संख्या में बीज पाये जाते हैं।

मजबूरी दूर करने के लिए :
कई बार इच्छा न होते हुए भी मजबूरी में काम करना पड़ता है। इसे दूर करने के लिए। उपाय - 2 लौंग और एक कपूर का टुकड़ा लें। इनको 3 बार गायत्री मंत्र पढ़कर अभिमंत्रित करें। इसके बाद इन्हें जला दें। जलते समय आपका मुख पूर्व की तरफ हो तथा गायत्री मंत्र का पाठ भी करते रहें। फिर भस्म को दिन में दो तीन बार जीभ पर लगाएं धीरे-धीरे आपकी मजबूरी में काम करने की आदत छूट जाएगी।    

परदेश गए व्यक्ति या दिए गए धन की वापसी हेतु उपाय :
प्रातःकाल स्नान करने के बाद परदेश गए व्यक्ति का नाम कागज़ पर लिख कर रख लें। एक और दीपक बनाएं। उसमें सरसों का तेल डालें फिर उसे जला दें। पहले धरती पर नमक रखें उस पर दिया रख कर गए व्यक्ति का ध्यान कर 43  दिन तक प्रतिदिन लगातार 11 बार हनुमान चालीसा का पाठ करें।
गया व्यक्ति वापस आ जाएगा तथा पैसा भी मिल जाएगा।

दूध लाने का उपाय :
अनार का दाना दूध में पीसकर देने से जिन माताओं को दूध नहीं है उनके दूध आने लग जाएगा।

श्वास व दमा रोगों के लिए  :
अपामार्ग के बीजों को लाकर साफ़ कर लें व लाल कपडे से ढक दें। कार्तिक पूर्णिमा के दिन उन्हें धोकर गाय के दूध की खीर बना लें फिर रात्री में उनको छलनी या किसी जाली ढक दें। पूरी चांदनी रात में जो ओस पड़ेगी उस खीर को प्रातः काल में खा लें। यह दमा रोग की पक्की औषधि है। करें व लाभ उठायें।

लाल रंग का रिवन घर के मुख्य द्वार पर बांधें। इससे घर में सुख सम्रद्धि आती है और कैसा भी वास्तु दोष हो वह दूर हो जाता है लेकिन किसी शुभ मुहूर्त में रिबन बांधें। 

29 दिसंबर 2011

टोने टोटके - कुछ उपाय - 15 (Tonae Totke - Some Tips - 15)

रामचरित मानस द्वारा मंत्रोपचार करने हेतु निम्न चौपाइयों का पाठ करें।

सहज स्वरुप दर्शन के लिए
भगत बछल प्रभु कृपा निधाना।
विस्ववास प्रगटे भगवाना॥

ज्ञान प्राप्ति के लिए
छिति जल पावक गगन समीरा।
पंच रचित अति अधम सरीरा ॥

भक्ति प्राप्त करने के लिए
भगत कल्पतरू प्रनत हित कृपासिंध सुख धाम।
सोई निज भगति मोहि प्रभु देहु दया करि राम॥

श्री हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए
सुमिरि पवन सुत पावन नामू।
अपने वश करि राखे रामू॥

मोक्ष प्राप्ति के लिए
सत्यसन्ध छोड़े सर लच्छा।
कालसर्प जनु चले सपच्छा॥

सीताराम जी के दर्शन के लिए
नील सरोरुह नील मनि, नील नीरधर स्याम।
लाजहिं तन सोभा निरखि कोटि कोटि सत काम॥
 
श्री रामचंद्र जी को वश में करने के लिए
केहरि कटि पट पीतधर सुषमा सील निधान।
देखि भानु कुल भूषनहि विसरा सखिन्ह अपान॥

ईश्वर से अपराध क्षमा करने के लिए
अनुचित बहुत कहेंऊं अग्याता।
छमहु क्षमा मंदिर दोउ माता॥

विरक्ति के लिए
भरत चरत करि नेमु तुलसी जे सदर सुनहिं।
सीय राम पद प्रेमु आवसि कोई भव रस विरति॥

भगत्स्मारणा करते हुए आराम से मरने के लिए
रामचरन पद प्रीति करि बाली कीन्ह तनु त्याग।
सुमन माल जिमि कंठ ते गिरत न जानइ नाग॥

प्रेम बढाने के लिए
सव नर करहिं परस्पर प्रीति।
चलहिं स्वधर्म निरत श्रुति नीति॥
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काल की रक्षा के लिए
मोरे हित हरि सम नहिं कोऊ।
एहिं अवसर सहाय सोई होऊ॥
.
निंदा से निवृत्ति के लिए
राम कृपा अबरेव सुधारी।
बिबुध धरि भइ गुनद गोहारी॥

विद्या प्राप्ति के लिए 
गुरू गृह पढ़न गये रघुराई।
अल्प काल विद्या सब आई॥

उत्सव होने के लिए
सिय रघुवीर विवाहु जे सप्रेम गावहिं सुनहिं ।
तिन्ह कहुं सदा उछाहु मंगलायतम राम जसु॥

कन्या को मनोवांछित वर के लिए
जै जै जै गिरिराज किशोरी।
जय महेश मुख चन्द्र चकोरी॥

यात्रा की सफलता के लिए
प्रविसि नगर कीजे सब काजा।
ह्रदय राखि कौसल पुर राजा॥

परीक्षा में पास होने के लिए 
जेहि पर कृपा करहिं जनु जानी ।
कवि उर अजिर नवावहिं बानी ॥
मोरि सुधारिहि सो सब भाँती ।
जासुकृपा नहिं कृपा अघाती ॥

आकर्षण के लिए 
जेहि के जेहिं पर सत्य सनेहू ।
सो तेहि मिलइ न कछु सन्देहू॥

स्नान से पुण्य लाभ के लिये
राम कृपा अवरेव सुधारी।
बिबुध धारि भइ गुनद गोहारी॥

खोई हुई वस्तु पुन: प्राप्त करने के लिये
गई बहोर गरीब नेबाजू।
सरल सबल साहिब रघुराजू॥

जीविका प्राप्ति के लिये
विस्व भरन पोषन कर जोई।
ताकर नाम भरत अस होई॥

दरिद्रता दूर करने के लिये
अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के ।
कामद धन दारिद द्वारिके॥

लक्ष्मी प्राप्ति करने के लिये
जिमि सरिता सागद महुं नाहीं।
जघपि ताहि कामना नाहीं॥
तिमि सुख सम्पति विनहिं बोलाएं।
धरमसील पहिं जाहिं सुभाएं॥

पुत्र प्राप्ति के लिए
प्रेम मगन कौसल्या निसिदिन जात न जान।
सुत सनेह बस माता बाल चरित कर गान॥

सम्पत्ति प्राप्ति के लिये
जे सकाम न सुनहिं जे गावहिं।
सुख सम्पत्ति नाना विधि पावहिं॥

ऋद्धि सिद्धि प्राप्त करने के लिये
साधक नाम जपहिं लय लाएं।
होंहि सिद्ध अनि मादक पाएं॥

सर्वसुख प्राप्त करने के लिए
सुनहिं बिमुक्त विरत अरू विषई।
चहहिं भगति गति संपत्ति नई॥

मनोरथ सिद्धि के लिये

भव भेषज रघुनाथ जसु सुनहिं जे नर और नारि।
तिन कर सकल मनोरथ सिद्ध करहिं त्रिसिरारि॥

कुशल क्षेम के लिये
भुवन चारिदस भरा उछाहू।
जनकसुता रघुवीर विग्प्राहू॥

मुकदमा जीतने के लिये
पवन तनय बल पवन समाना।
बुद्धि विवेक विज्ञान निधाना॥

शत्रु के सामने जाना हो उस समय के लिये
कर सारंग साजि कटि माथा।
अरि दल दलन चले रघुनाथा॥

शत्रु को मित्र बनाने के लिये
गरल सुधा रिपु करहिं मिताई।
गोपद सिंधु प्रबल सितलाई॥

शत्रुता नाश के लिये
बयरू न कर काहू सन कोई।
राम प्रताप विषमता खोई॥

शास्त्रार्थ में विजय पाने के लिये
तेहि अवसर सुनि सिव धनु भंगा।
आयउ भृगुकुल कमल पतंगा॥

विवाह के लिये
तब जनक पाइ बसिष्ठ आयसु व्याह साज सवांरिके।
माडवी श्रुतकीरति उरमिला कुंअरि लई हवनाति के॥

10 अक्टूबर 2011

टोने टोटके - कुछ उपाय - 14 (Tonae Totke - Some Tips - 14)

कार्य सिद्धि के लिए
किसी भी कार्य विशेष की सिद्धि के लिए या इंटरव्यू में सफलता पाने के लए यह उपाय यदि श्रद्धापूर्वक किया जाए तो पक्ष में परनाम निश्चित है। काम के लिए बाहर जाते समय भगवान् का निर्माल्य का फूल हाथ में लें और 'गजानना गजानना' का मूंगे या रूद्राक्ष की माला से एक माला जप करें फिर फूल जेब में रख कर कार्य पर चले जाएं। किन्तु विदा होने के पूर्व गणपति की तस्वीर को प्रणाम कर लें। पीछे मुड कर न देखें, कार्य सिद्ध होकर रहेगा।

व्यापार वृद्धि के लिए
शुक्ल पक्ष के बुधवार को बिल्ली की जेर चांदी के सिक्के के साथ लाल कपडे या थैली में रखकर श्रद्धापूर्वक तिजोरी में रखें। चांदी का सिक्का, चांदी का सिक्का न हो तो साधारण रूपये का सिक्का गंगाजल से शुद्ध करके साथ में रखें। ऐसा करने से निश्चित रूप से व्यापार में वृद्धि होगी।

शीघ्र विवाह के लिए
आयु अधिक होने के बाद भी यदि कन्या का रिश्ता पक्का न हो रहा हो तो यह उपाय करें। शुक्रवार की रात आठ छुहारे लें। ये छुहारे शुक्रवार को ही खरीदें। इन्हें जल में उबाल लें और जल के साथ ही अपने सिरहाने रख कर सो जाएं। यह जल चांदी के गिलास में या कटोरे में रखें तो उत्तम होगा। अगले दिन शनिवार को प्रातः स्नान करने के बाद इस जल और छुहारों को किसी बहते जल में प्रवाहित कर दें।

घर के सदस्यों में आपसी स्नेह बढाने के लिए 
स्फटिक माला से निम्न चौपाई का नित्य पाठ करें, परिवार के सदस्यों के साथ स्नेह बढेगा।
"जोही के जेहि पर सत्य सनेहु 
सो तेहि मिलही न कछु संदेहु

मुकदमें में विजय प्राप्ति हेतु 
हनुमान जी के पर्वत लिए चित्र के समक्ष शुक्ल पक्ष के मंगलवार से निम्नलिखित चौपाई का रूद्राक्ष की माला से नित्य दो माला पाठ करें। हनुमान जी की कृपा प्राप्त होगी और मुक़दमे में विजय मिलेगी। साथ ही हर प्रकार के क्लेश से मुक्ति मिलेगी। यह एक अचूक टोटका है। इसमें श्रद्धा जरूरी है।
'पवन तनय बल पवन समाना
बुद्धि विवेक विग्यान निधाना।
कवन सो काज कठिन जग माहि
जो नहि होई तात तुम पाहिं।

धन वृद्धि के लिए 
हर बुधवार गाय को पीला पपीता खिलाएं, धन दिन दूना रात चौगुना बढेगा। यह टोटका शुक्ल पक्ष से शुरू करें।

मनोकामना की पूर्ती के लिए
शुभ मुहूर्त में श्री कार्य सिद्धि यन्त्र लें। भोजपत्र पर लाल चन्दन से अपनी मनोकामना लिख लें। गुलाब की ग्यारह अगरबत्तियों से आरती उतारें। कामना पूर्ती के बाद कोई शुभ काम करने का संकल्प लें। उदहारण के लिए कीर्तन भजन कराने, या किसी निश्चित संख्या में (सात, नौ आदि) गरीबों को भोजन कराना या भगवान् को वस्त्र अर्पित करना जिस भोज पत्र पर मनोकामना लिखी है उसकी चार तह बनाकर कार्यसिद्धि यन्त्र के नीचे रख दें और उसे नियमित रूप से गुलाब की पांच अगरबत्तियां दिखाएं व 21 बार अपनी मनोकामना कहें। फिर अगरबत्तियां मुख्य द्वार पर लगा दें। यह सारी क्रिया श्रद्धापूर्वक करें, मनोकामना पूरी होगी।

घर में झगड़े, कलह शांति के लिए 
घर में झगड़े, कलह आदि होते हों तो महीने में एक बार दस किलो आटा व पांच किलो सरसों का तेल अनाथ आश्रम, साधु आश्रम, वृद्धाश्रम, अंधालय को दान दें। वातावरण अनुकूल होगा और कलह का नामोनिशान नहीं होगा।

13 सितंबर 2011

टोने टोटके - कुछ उपाय - 13 (Tonae Totke - Some Tips - 13)

1.  आपका व्यवसाय यदि कम हो गया हो या किसी ने उसे बाँध दिया हो, तो दीपावली से पूर्व धनतेरस के दिन पूजा स्थल पर लाल वस्त्र बिछाकर उस पर 'धनदा यन्त्र' को स्थापित करें और धूप, दीप दिखाएं, नैवेघ अर्पित करें. यह क्रिया करते समय मन ही मन श्रीं श्रीं मंत्र का जप करते रहें. प्रतिदिन नहा धोकर यन्त्र का निष्ठापूर्वक दर्शन करें. 

2.  दीपावली पूजन के समय 501 ग्राम चुहारों का पूजन करें. उनका तिलक करें, धुप दीप से आरती उतारें, प्रसाद का भोग लगाएं और रात्री भर पूजा स्थान पर रखा रहने दें. अगले दिन उन्हें लाल चमकीले या मखमली कपडे में बांधकर अपनी तिजोरी में रख दें. 51  दिन तक प्रतिदिन एक रूपया किसी भी मंदिर में माता लक्ष्मी को अर्पित करें. इससे वर्ष भर लक्ष्मी स्थिर रहती है. 

3.  कोर्ट कचहरी में मुकदमा चल रहा हो तो पांच गोमती चक्रों को दीपावली के दिन पूजन पर रखें. जब तारीख पर कोर्ट जाना हो तो उन्हें जेब में रख कर जाएं, जाते समय मन ही मन इश्वर से विजय की प्रार्थना करते रहें, सफलता प्राप्त होगी. 

4.  यदि आपका उधार लिया हुआ पैसा कोई लम्बे अरसे से नहीं लौटा रहा हो तो, उस व्यक्ति का नाम लेकर ग्यारह गोमती चक्र पर तिलक लगा कर, इष्ट देव का स्मरण कर, उससे निवेदन करें, कि मेरा पैसा जल्द से जल्द लौटा दो. इसके बाद पूजित गोमती चक्रों को पीपल के वृक्ष के पास जमीन में दबा दें. 

5.  व्यापार में हानि, धन नाश, बढ़ते कर्ज, व्यापार में बाधा आदि से मुक्ति पाने के लिए. दीपावली के दिन श्वेतार्क गणपति को गंगाजल से स्नान कराकर लाल वस्त्र पर रखें. फिर उनके समीप लाल चन्दन का एक टुकड़ा, ग्यारह धनदायी कौडियाँ, ग्यारह गोमती चक्र एवं ताम्बे की पादुकाएं या ताम्बे का एक टुकड़ा रखें. शुद्ध घी का दीपक जलाएं और सफ़ेद कागज़ पर लाल चन्दन से अपनी दुकान का नाम लिखकर इसी सामग्री के पास रखें. लाल चन्दन की माला से "ॐ गं गणपतये नमः" का एक माला जप करें. लाल चन्दन की माला न हो तो रूद्राक्ष की माला से भी जप कर सकते हैं. फिर सारी सामग्री को उसी लाल वस्त्र में लपेट कर पोटली बना लें और उसे लाल मौली या रिबन से बांधें, धूप दीप दिखाएं व व्यापार स्थल में उत्तर पूर्व दिशा में बाँध दें. नित्य प्रातः व्यापार शुरू करने से पहले, उसे धूप दीप दिखाएं. ऐसा करते समय मन ही मन गणपति के पूर्वोक्त मंत्र का जप करते रहे. ऋण मुक्ति का यह बहुत प्रभावी उपाय है. 

6.  गाय को प्रतिदिन दो रोटी तेल लगाकर गुड रखकर खिलाएं, पक्षियों को दाना व जल दें और अपनी आय में से दो गरीबों को भरपेट भोजन कराते रहें, लाभ होगा. 

7.  कार्यसिद्धि के लिए कार्यसिद्धि यन्त्र अत्यंत फलदायी है. अपनी मनोकामना को लाल चन्दन से भोजपत्र पर लिख लें. लाल या पीले वस्त्र पर कार्यसिद्धि यन्त्र स्थापित करें. अगरबत्तियां व घी का दीपक जलाएं और आरती उतारें. कार्य सिद्ध हो जाने पर प्रभु के नाम पर कोई सत्कार्य जैसे कार्य करने को कहें. उदहारणतया पांच गरीबों को भोजन कराने, या घर में भजन कीर्तन कराने या फिर कोई भी सेवा करने का प्राण करें, कार्य सिद्ध हो जाने पर उसे भूलें नहीं. अब भोजपत्र को तह करके कार्यसिद्धि यन्त्र के नीचे रख दें. नित्य प्रति पांच अगरबत्तियां जलाएं और प्रतिदिन इक्कीस बार यन्त्र के सामने अपनी भोजपत्र पर लिखी मनोकामना को दोहराएं, अगरबत्तियों को मुख्यद्वार पर लगाएं. कुछ ही दिनों में आपका कार्य सिद्ध हो जाएगा. 

9.  यदि कमाई का कोई जरिया न हो, तो एक गिलास कच्चे दूध में, चीनी डाल कर जामुन वृक्ष की जड़ में चढ़ाएं. यह क्रिया धनतेरस से शुरू करें और चालीस दिन लगातार करें. कभी-कभी सफाई कर्मचारी को चाय की 250  ग्राम पत्ती या सिगरेट दान करें. सफ़ेद धागे में दीपावली पूजन के पश्चात धागे में दीपावली पूजन के पश्चात ताम्बे का सिक्का गले में पहनें. उस दिन रसोईघर में बैठकर भोजन करें. लाभ स्वयं दिखने लगेगा.    

08 जुलाई 2011

टोने टोटके - कुछ उपाय -12 (Tonae Totke - Some Tips - 12)

कारोबार में उन्नति के लिए

यदि परिश्रम के बावजूद कारोबार में उन्नति न हो रही हो तो शभ चंद्र के दिन गरु पष्य योग में प्रातः काल हरे रंग के कपड़े की एक छोटी थैली तैयार करें। श्री गणेश जी के चित्र के समक्ष संकट नाशक गणेश स्तोत्र का पाठ कर इस थैली में 7 मूंग, 10 ग्राम साबुत धनियां, एक पंचमखी रुद्राक्ष, चांदी का 1 रुपये का एक सिक्का, 2 सुपारियां और हल्दी की 2 गांठें रखकर गणेश जी को शद्घ घी के मोदक का भोग लगाएं। फिर यह थैली तिजोरी या कैश बॉक्स में रख दें। यह उपाय निष्ठापूर्वक करें, लाभ होगा।

शीघ्र विवाह हेतु
* यदि कन्या के विवाह में विलंब हो रहा हो, तो उसे गरुवार को पीले और शक्रवार को सफेद वस्त्र पहनाएं। वस्त्र नए होने चाहिए। यह प्रयोग चार सप्ताह तक करें, अच्छे प्रस्ताव आने लगेंगे और विवाह शीघ्र होगा।

* जिस समय कन्या के परिजन वर-पक्ष से विवाह वार्तालाप के लिए जा रहे हों, उस समय कन्या अपने बालों को खोले रखे तथा उनके लौट कर आने तक न जूडा बनाए न चोटी। कन्या को चाहिए कि अपने परिजनों को विवाह वार्ता के लिए प्रस्थान करते समय प्रसन्नतापूर्वक मिष्ठान विदा करे।

* शीघ्र विवाह के लिए कन्याओं को १६ सोमवार का व्रत तथा प्रत्येक सोमवार को शिव मंदिर में जाकर जलाभिषेक करना चाहिए और शिवजी से शीघ्र विवाह की प्रार्थना करनी चाहिए।

* विवाह के इच्छक लड़के या लडकियां शक्रवार को भगवान शंकर का जलाभिषेक करें तथा शिवलिंग पर नमः शिवाय बोलते हुए 108 पष्प चढ़ाएंऐसा 7 शक्रवार करें, विवाह शीघ्र होगा।

* गरुवार को लक्ष्मीनारायण मंदिर में कलगी और वेसन के 5 लड्‌डू चढ़ाएं और भगवान से शीघ्र विवाह की प्रार्थना करें।

* वर या कन्याएं पीपल को 43 दिन तक लगातार जल चढ़ाएं, शादी में आने वाली बाधाएं दूर होंगी। यह क्रिया रविवार को न करें। कन्याएं मासिकधर्म के समय जल न चढ़ाएं

* यदि कोई लडका अथवा लडकी अपने प्रेमी के लिए दीवानी हो और उसे उस दीवानापन से मक्त कराना हो तो लोहे के एक टुकडे को तीन बार आग में गर्म करके तीन बार पानी से बुझाएं और बुझाते समय हर बार यह कहते जाएं कि जिस प्रकार यह गर्म लोहा पानी में शीतल होता है इसके मन को भी शीतल कर दें। हर बार पानी लडके या लडकी के वक्षस्थल पर भी छिड कें। यह क्रिया 3 दिन तक करें, जातक और जातका अपने-अपने प्रेमी को भूल जाएंगे।

07 जुलाई 2011

टोने टोटके - कुछ उपाय - 11 (Tonae Totke - Some Tips - 11)

ग्रहजन्य दोषों से मुक्ति के चमत्कारी टोटके


राहु :

यदि राहु पूर्णतः अशुभ फलकारी हो, उसके फलस्वरूप लोगों से शत्रुता चल रही हो, घर में हर समय लड़ाई झगड़े होते रहते हों, मन इधर-उधर भटकता रहता हो और मानसिक संतुलन बिगड़ गया हो तो निम्नलिखित उपाय करें।

प्रातः काल जल्दी उठकर लाल रंग की मसूर की दाल या कुछ सिक्के सफाई कर्मचारी (मेहतर) को दान करें।

अपने पैतृक मकान में प्रवेश करते समय चौखट पर चांदी का टुकड़ा रखें।

यदि राहु द्वादश में हो तो जातक अपने साथ होने वाले लड़ाई-झगड़े, मुकदमे आदि से परेशान रहता है। इन सबसे बचाव के लिए जातक को खाना अपनी रसोई में बैठकर खाना चाहिए। पत्नी से कभी झगड़ा नहीं करना चाहिए और किसी को भयभीत नहीं करना ाहिए। साथ ही अपने शयन कक्ष में हनुमान जी का चित्र लगाकर रखना चाहिए।

यदि कुंडली में राहु की स्थिति अशुभ हो, तो नदी में नारियल प्रवाहित करना चाहिए।

यदि जातक टी. बी. से ग्रस्त हो और औषधियों से कोई लाभ नहीं हो रहा हो, तो उसे जौ को गाय के मूत्र से धोकर लाल कपड़े में बांधकर अपने साथ रखना चाहिए।

ग्रहों की धूप :

सूर्य : लोहबान, चंदन, जाफरान (केसर)

मंगल : लाल मिर्च, अफीम, लौंग, गुग्गुल।

बुध : लोहबान, गुग्गुल, बादाम, चमेली की जड़।

गुरु : केसर, नागरमोथा, श्वेत चंदन, लाल चंदन।

शुक्र : लोहबान।

शनि : काली मिर्च, लाख, गुग्गुल।

चंद्र : कपूर, लोहबान।

किराएदार से मकान खाली कराने हेतु :

पुष्य नक्षत्र में सांप की रीढ़ की हड्डी लाकर उसे विद्वेषण मंत्र से अभिमंत्रित कर लें और फिर उसका पाउडर बनाकर जो कमरा किराए पर दे रखा हो उसमें बिखेर दें। किराएदार को रात में घर में सांप ही सांप दिखाई देंगे और उनकी आवाजें सुनाई देंगी और वह डरकर मकान खाली करके भाग जाएगा।

नजर उतारने के टोटके

नमक, राई, लहसुन, प्याज के छिलके, बाल और सूखी हुई मिर्च को आग के एक अंगारे पर डाल दें और उसे नजर दोष से प्रभावित जातक के सिर पर से सात बार उतार लें। जलने पर यदि बदबू आए तो समझें कि जातक नजर दोष से मुक्त है। यदि बदूब नहीं आए तो समझें कि वह नजरदोष से प्रभावित है।

हनुमान मंदिर में जाकर हनुमान जी के कंधों से सिंदूर लेकर अपने माथे पर टीका करें।

गेहूं के आटे का दीपक बनाएं और उसमें काले धागे की बत्ती डालकर उसे जलाएं और उसके पास दो सूखी लाल मिर्च रखें। फिर उसे बुरी नजर से प्रभावित व्यक्ति के ऊपर से सात बार उतारें।

नजर से प्रभावित व्यक्ति के सिर पर से फिटकरी उतार कर उसे बाएं हाथ से कूटकर उसका चूर्ण बना लें और उसे किसी कुएं या तालाब में फेंक दें।

छोटे बच्चे को किसी स्त्री की नजर लगी हो तो उसे घर बुलाकर हाथ फिरा लें तथा बच्चे को प्यार करते हुए आशीर्वाद दे दें।

टोने टोटके - कुछ उपाय - 10 (Tonae Totke - Some Tips - 10)

कुछ विशेष मंत्रों के जप तथा कुछ चौपाइयों के पाठ से रोगों, क्लेशों तथा अन्य विन-बाधाओं से मुक्ति मिलती है। यहां ऐसे ही कुछ मंत्रों और रामायण की कुछ चौपाइयों का विवरण प्रस्तुत है, जिनके नियमित जप तथा पाठ से वांछित फल की प्राप्ति हो सकती है।

नजर कामण शांतिकरण
मोर के पंख से ११ बार झाड़ा लगा दें। (ग्रहण के समय निम्नोक्त मंत्र जप कर सिद्ध कर लें।)

मंत्र - क्क नमो सत्नाम आदेश गुरु को क्क नमो नजर जहां पर पीर जानी बोले छल सों अमृत बानी कहो नजर कहां ते आई यहां की ढेरि तोहि कौंन बताई। कौन जात तेरी को ढाम, किसी बेटी कहो तेरो नाम। कहां से उड़ी कहां को जादा। अब ही बस करले तेरी माया। मेरी बात सुनो चित्त लगाय जैसे होय सुनाऊं आय। तेलन तमोलन चुहड़ी चमारी कायथनी खतरानी कुम्हारी महतरानी राजा रानी। जाको दोष ताहि सिर पर पड़े। हनुमंतवीर नजर से रक्षा करे। मेरी भक्ति गुरु की शक्तिफुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।

विन बाधाओं से मुक्ति हेतु रामायण की कुछ विशेष चौपाइयों का पाठ करना चाहिए, जो इस प्रकार हैं।

नजर दोष से मुक्ति के लिए:
श्याम गौर सुंदर दोऊ जोरी। निरखहिं छवि वृत तोरी॥

भूत भगाने के लिए:
प्रनवऊं पवन कुमार खल वन पावक ज्ञान धन जासु हृदय आगार बसहिं राम सर चाप धर।

कठिन क्लेश से मुक्ति के लिए:
हरन कठिन कलि कलु कलेसू। महा मोह निसि दलन दिनेसू॥

दरिद्रता दूर करने के लिए:
अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के। कामद धन दारिद दवारिके

शीघ्र विवाह के लिए:
तब जनक परइ वशिष्ठ आयुस ब्याह साज संवारि के। मांडवी श्रुत कीरत उरमिला कुंअरि लई हंकारिके॥ 
साधना में रक्षा मंत्र चारों ओर खींचना जिसे लक्ष्मण रेखा कहा जाता है। 
माममिरक्षय रघुकुल नायक। घृत वर चाप रुचिर कर सायक॥

मानसिक पीड़ा दूर करने करे लिए:
हनुमान अंगद रन गाजे। हांक सुनत रजनीचर भागे॥

अकाल मृत्यु बचाव के लिए:
नाम पहारु दिवस निसि ध्यान तुम्हार कपाट। लोचन निज पद जंत्रित जाहिं प्रान केहिं वाट॥

कन्या के विवाह हेतु:
जै जै जै गिरिराज किशोरी जय महेश मुख चंद्र चकोरी।

विचार शुद्धि के लिए:
ताके जुग पद कमल मनावऊं। जासु कृपा निरमल मति पावऊं॥

विविध रोगों से रक्षा के लिए:
दैहिक दैविक भौतिक तापा। राम राज्य नहिं काहहिं ब्यापा॥

24 अप्रैल 2011

टोने टोटके - कुछ उपाय - 9 (Tonae Totke - Some Tips - 9)

छोटे-छोटे उपाय हर घर में लोग जानते हैं, पर उनकी विधिवत जानकारी के अभाव में वे उनके लाभ से वंचित रह जाते हैं इस लोकप्रिय स्तम्भ में एक उपयोगी साधना की विधिवत जानकारी दी जा रही है
 
श्री बजरंग बाण 
हनुमान चालीसा की तरह ही श्री बजरंग बाण भी एक सिद्ध स्त्रोत है इस सिद्ध शक्तिशाली बाण को विधि पूर्वक प्रयोग करने से साधक के समस्त कष्टों का निवारण हो जाता है इस बाण की सिद्धि करने से साधक के शरीर में हनुमान जी की शक्ति प्रवेश कर जाती है

 क्रिया एक ही है अपने सामने हनुमान जी का चित्र रखकर श्रद्धा और विशवास के साथ उनका ध्यान करना चाहिए मन की एकाग्रता का अभ्यास करते हुए मन स्वतः ही काबू में हो जाता है हनुमान जी के चित्र की भली भाँती पूजा अर्चना करके श्रद्धायुक्त प्रणाम कर यह स्तुति करनी चाहिए

अतुलित बलधामं हेमशैलाभ देहं दनुजवन कृशानुं ग्यानीनामग्रगण्यम, 
सकल गुन्निधाम वानराणामधीषम, रघुपति प्रिय भक्तं वातजातं नमामि

यह स्तुति करके साधक को चाहिए की वह पास ही दाहिनी ओर एक आसन और बिछा दे जैसे कि शास्त्र में इसका वर्णन आता है कि जब भी बजरंग बाण का पाठ किया जाय तो स्वयं हनुमान जी आसन पर आकर विराजते हैं

बजरंग बाण का जब भी पाठ करें, ऊनी वस्त्र के ऊपर ही बैठकर करें जिसे हनुमान जी वरन कर लेते हैं तब साधक के अन्दर एक नई स्फूर्ति एवं शक्ति का संचार हो जाता है मन में एक नई चेतना एक नए जोश का स्फुरण होने पर वह अपने को बलवान समझने लगता है, निर्भीक व निर्भय हो जाता है तथा समस्त प्रेत बाधाएं तथा आसुरी शक्तियां ऐसे भजन को देखते ही भाग खडी होती है यह हजारों- हजारों का अनुभव है उन्होंने कहा है कि बजरंग बाण का नियमित पाठ बाधाओं और आने वाली कठिनाइयों से रक्षा करता है

बड़े-बड़े योगी, संत महात्मा, तांत्रिक, यांत्रिक भी सदा इस बाण को जपते रहते हैं इसे कंठस्त कर लेना चाहिए यह स्वयं ही मंत्रमय है इसका नित्य पाठ अपने आप में आश्चर्यजनक सफलता देने वाला है रोग-व्याधि तंत्र, मंत्र से जो हानि पहुंचाते हैं उसका प्रभाव स्वतः ही निष्क्रिय हो जाता है जिस घर में प्रतिदिन बजरंग बाण का पाठ होता है, वहां स्वयं हनुमान जी विराजमान रहते हैं और सभी प्रकार की बाधाओं से घर मुक्त रहता है जो भक्त रामलीलाओं में धन आदि देकर भगवान् राम के चरित्र का वर्णन आम जन तक पहुंचाने का कार्य करते हैं वे आर्थिक दृष्टि से संपन्न तो हो ही जाते हैं अपितु धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष की सिद्धि भी उन्हें मिल जाती है रामायण का अखंड पाठ व सुन्दर काण्ड का पाठ जन-जन में एक नवीन चेतना का इस कलिकाल में संचार कर रहा है उन घरों में उन्नति व विकास की धारा सदा बहती है

बाधा से बचने के उपाय
सबसे पहले जो भी साधक हनुमान की की साधना करना चाहता है या किसी भी ऐसी देवी-देवताओं की साधना में बैठने जा रहा है उसे किसी शुभ मुहूर्त में आसन पर पूर्व या उत्तर्भिमुख होकर रात्री में 108 मन्त्रों का जप व अष्टांग सामग्री द्वारा हवन करना चाहिए साधक को रक्षा रेखा मंत्र को सिद्ध कर लेना चाहिए जिससे साधना काल में कोई भी बाधा उत्पन्न न हो


06 अप्रैल 2011

पंडित जी के टोटके

प्रारब्ध की बात छोड़ दें, तो भी परमेश्वर द्वारा कुछ वस्तुओं में धनप्राप्ति के गुणधर्म किये गए हैं, यह बात निर्विवाद है। जिस प्रकार यज्ञादिक कर्मों द्वारा स्वर्ग की प्राप्ति होती है, बरसात होती है या देश पर आये महान संकट दूर होते हैं, उसी प्रकार कुछ ख़ास साधनाएं और टोटके किये जाएं, तो मनुष्य को धन की प्राप्ति अवश्य होती है और घर में सुख-सम्रद्धि आती है। ये टोटके बिलकुल सरल हैं और इसके लिए जरूरी चीजें भी, सहज ही में उपलब्ध की जा सकती हैं। इसमें आपको पूर्ण श्रद्धा अवश्य होनी चाहिए तो आइये करें ये लाभदायक व कुछ ख़ास उपाय।
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1.      भर लें अपने भण्डार गृह
जिस स्थान पर होली जलाई जाती रही हो, वहां पर होली जलने से एक दिन पहले की रात्री में एक मटकी में गाय का घी, तिल का तेल, गेहूं और ज्वार तथा एक ताम्बे का पैसा रखकर मटकी का मुंह बंद करके गाड़ आएं। रात्रि में जब होली जल जाए, तब दूसरे दिन सुबह उसे उखाड़ लाएं। फिर इन सब वस्तुओं को पोटली में बांधकर जिस वास्तु में रख दिया जाएगा, वह वास्तु व्यय करने पर भी उसमें निरंतर वृद्धि होती रहेगी, और आपके भंडार भरे हुए रहेंगे।

2.     अगर आप चाहते हैं की आपके प्रतिष्ठान में बिक्री ज्यादा हो तो यह करें 
आप अपने व्यापार में अधिक पैसा प्राप्त करना चाहते हैं और चाहते हैं की आपके व्यापार की बिक्री बढ़ जाए तो आप वट वृक्ष की लता को शनिवार के दिन जाकर निमंत्रण दे आएं। (वृक्ष की जड़ के पास एक पान, सुपारी और एक पैसा रख आएं) रविवार के दिन प्रातः काल जाकर उसकी एक जटा तोड़ लाएं, पीछे मुड़कर न देखें। उस जटा को घर लाकर गुग्गल की धूनी दें तथा 101 बार इस मंत्र का जप करें- 
ॐ नमो चण्ड अलसुर स्वाहा। 

3.    छोटे बच्चों को नजर लगने पर- 
अगर आप चाहते हैं की छोटे बच्चों को नजर न लगे इसके लिए हाथ में चुटकी भर रक्षा लेकर ब्रहस्पतिवार के दिन 'ॐ चैतन्य गोरखनाथ नमः मंत्र का 108 बार जप करें। फिर इसे छोटी-सी पुडिया में डालकर काले रेशमी धागे से बच्चे के गले में बाँधने पर बुरी नजर नहीं लगती।

4.    अपने व्यापार में करें मनोवांछित उन्नति- 
अगर आप अपने व्यापार में मनोवांछित उन्नति करना चाहते हैं तो सोमवार को प्रातः नवनिर्मित अंगूठी को गंगाजल में धोकर गाय के दूध में डुबो दें, उसमें थोड़ी-सी शक्कर, तुलसी के पत्ते और कोई भी सफ़ेद फूल डाल दें। इसके पश्चात स्नान ध्यान से निवृत्त होकर अंगूठी को पहन लें। ऐसा करने से व्यापार में मनोवांछित उन्नति प्राप्त होगी।

5.    कन्या के विवाह में विलम्ब होने पर- 
अगर आपकी कन्या के विवाह में विलम्ब हो रहा हो या कन्या के लिए योग्य वर की तलाश पूरी नहीं हो रही हो तो किसी भी गुरूवार के दिन प्रातःकाल नहा धोकर बेसन के लड्डू स्वयं बनाएं। उनकी गिनती 109 होनी चाहिए। फिर पीले रंग की टोकरी में पीले रंग का कपड़ा बिछाकर उन लड्डूओं को उसमें रख दें तथा अपनी श्रद्धानुसार कुछ दक्षिणा रख दें। पास के किसी शिव मंदिर में जाकर विवाह हेतु प्रार्थना कर घर आ जाएं।

6.    आपके ज्यादातर कार्य असफल हो रहे हैं तो यह करें- 
आप चाहते हैं की आपके द्वारा किये गए कार्य सफल हो लेकिन कार्य के प्रारम्भ होते ही उसमें विध्न आ जाते हैं और वह असफल हो जाते हैं इसके लिए आप यह करें: प्रातःकाल कच्चा सूत लेकर सूर्य के सामने मुंह करके खड़े हो जाएं। फिर सूर्य देव को नमस्कार करके 'ॐ हीं घ्रणि सूर्य  आदित्य श्रीम' मंत्र बोलते हुए सूर्य देव को जल चढ़ाएं। जल में रोली, चावल, चीनी तथा लाल पुष्प दाल लें। इसके पश्चात कच्चे सूत को सूर्य देव की तरफ करते हुए गणेशजी का स्मरण करते हुए सात गाँठ लगाएं। इसके पश्चात इस सूत को किसी खोल में रखकर अपनी कमीज की जेब में रख लें, आपके बिगड़े कार्य बनाने लगेंगे।

7.    गर्भ धारण करने के लिए- 
अगर आपको किसी कारणवश गर्भ धारण नहीं हो रहा हो तो मंगलवार के दिन कुम्हार के घर आएं और उसमें प्रार्थना कर मिट्टी के बर्तन वाला डोरा ले आएं। उसे किसी गिलास में जल भरकर दाल दें। कुछ समय पश्चात डोरे को निकाल लें और वह पानी पति-पत्नी दोनों पी लें। यह क्रिया केवल मंगलवार को ही करनी है अगर संभव हो तो उस दिन पति-पत्नी अवश्य ही रमण करें। गर्भ की स्थिति बनते ही उस डोरे को हनुमानजी के चरणों में रख दें।

8.    अपने घर-गृहस्थी को बनाएं सुखी- 
अक्सर हम गृहस्थ जीवन में देखते हैं तो गृहस्थ का सामान टूट-फूट जाता है या सामान चोरी हो जाता है। जो भी आता है असमय ही ख़त्म हो जाता है। रसोई में बरकत नहीं रहती है तो ऐसी स्त्रियाँ भोजन बनाने के बाद शेष अग्नि को न बुझाएं और जब सब जलकर राख हो जाए तो राख को गोबर में मिलाकर रसोई को लीप दें। फर्श हो तो उस राख को पानी में घोलकर उसी पानी से फर्श डालें। यह क्रिया कई बार करें। घर-गृहस्थी का छोटा-मोटा सामान, गिलास, कटोरी, चम्मच आदि सदैव बने रहेंगे।

9.    इच्छा के विरूद्ध कार्य करना पड़ रहा हो तो- 
अगर आपको किसी कारणवश कोइ कार्य अपनी इच्छा के विपरीत करना पड़ रहा हो तो आप कपूर और एक फूल वाली लौंग एक साथ जलाकर दो-तीन दिन में थोड़ी-थोड़ी खा लें। आपकी इच्छा के विपरीत कार्य होना बंद हो जाएगा।
  
10.    दाम्पत्य जीवन से झगड़े दूर करें ऐसे- 
अगर आपका दाम्पत्य जीवन अशांत है तो आप रात्री में शय न करते समय पत्नी अपने पलंग पर देशी कपूर तथा पति के पलंग पर कामिया सिन्दूर रखें. प्रातः सूर्यदे के समय पति देशी कपूर को जला दें और पत्नी सिन्दूर को भवन में छिटका दें। इस टोटके से कुछ ही दिनों में कलह समाप्त हो जाती है।

11.    बेरोजगारी दूर करने हेतु- 
अगर आपको नौकरी या काम नहीं मिल रहा है और आप मारे-मारे फिर रहे हैं तो एक दागरहित बड़ा नीबूं लें और चौराहे पर बारह बजे से पहले जाकर उसके चार हिस्से कर लें और चारों दिशाओं में दूर-दूर फेंक दें। फलस्वरूप बेरोजगारी की समस्या समाप्त हो जाएगी।

12.    भाग्योदय करने के लिए करें यह उपाय-
अपने सोए भाग्य को जगाने के लिए आप प्रात सुबह उठकर जो भी स्वर चल रहा हो, वही हाथ देखकर तीन बार चूमें, तत्पश्चात वही पांव धरती पर रखें और वही कदम आगे बाधाएं। ऐसा नित्य-प्रतिदिन करने से निश्चित रूप से भाग्योदय होगा।

13.    त्वचा रोग होने पर यह करें- 
त्वचा संबंधी रोग केतु के दुष्प्रभाव से बढ़ते हैं। यदि त्वचा संबंधी घाव ठीक न हो रहा हो तो सायंकाल मिट्टी के नए पात्र में पानी रखकर उसमें सोने की अंगूठी या एनी कोइ आभूषण दाल दें। कुछ देर बाद उसी पानी से घाव को धोने के बाद अंगूठी निकालकर रख लें तथा पाने किसी चौराहे पर फेंक आएं। ऐसा तीन दिन करें तो रोग शीघ्र ठीक हो जाएगा।

14.    मंदी से छुटकारा पाएं ऐसे- 
अगर आपके व्यापार में मंदी आ गयी है या नौकरी में मंदी आ गयी है तो यह करें। किसी साफ़ शीशी में सरसों का तेल भरकर उस शीशी को किसी तालाब या बहती नदी के जल में डाल दें। शीघ्र ही मंदी का असर जाता रहेगा और आपके व्यापार में जान आ जाएगी।

15.    भय को दूर करें ऐसे-
अगर आपको बिना कारण भय रहता हो या सांप-बिच्छू या वन्य पशुओं का भय रहता हो तो यह करें : बांस की जड़ जलाकर उसे कान पर धारण करने से भय मिट जाता है। निर्गुन्डी की जड़ अथवा मोर पंख घर में रख देने से सर्प कभी भी घर में प्रवेश नहीं करता। रवि-पुष्य योग में प्राप्त सफ़ेद चादर की जड़ लाकर दाईं भुजा पर बाँधने से वन्य पशुओं का भय नहीं रहता है साथ ही अग्नि भय से भी छुटकारा मिल जाता है। केवड़े की जड़ कान पर धारण करने से शत्रु भय मिट जाता है।

16.    अगर आपके परिवार में कोई रोगग्रस्त हो तो यह करें. 
अगर स्वास्थ्य में सुधर न होता हो तो यह उपाय करें: एक देशी अखंडित पान, गुलाब का फूल और कुछ बताशे रोगी के ऊपर से 31 बार उतारें तथा अंतोक चौराहे पर रख दें। इसके प्रभाव से रोगी की दशा में शीघ्रता से सुधार होगा।

17.    पारिवारिक सुख-शांति के लिए- 
अगर आपके परिवार में अशांति रहती है और सुख-चैन का अभाव है तो प्रतिदिन प्रथम रोगी के चार भाग करें, जिसका एक गाय को, दूसरा काले कुत्ते को, तीसरा कौवे को तथा चौथा टुकड़ा किसी चौराहे पर रखवा दें तो इसके प्रभाव से समस्त दोष समाप्त होकर परिवार की शांति तथा सम्रद्धि बढ़ जाती है।
  
18.    अपनाएं सुखी रहने के कुछ नुस्खे- 
ब्रहस्पतिवार या मंगलवार को सात गाँठ हल्दी तथा थोड़ा-सा गुड इसके साथ पीतल का एक टुकड़ा इन सबको मिलाकर पोटली में बांधें तथा ससुराल की दिशा में फेंक दें तो वहां हर प्रकार से शांति व सुख रहता है।
कन्या अपनी ससुराल में रहते हुए यह करें। मेहँदी तथा साबुत उरद जिस दिशा में वधु का घर हो, उसी दिशा में फेंकने से वर-वधु में प्रेम बढ़ता है।
किसी विशेष कार्य के लिए घर के निकलते समय एक साबुत नीबू लेकर गाय के गोबर में दबा दें तथा उसके ऊपर थोड़ा-सा कामिया सिन्दूर छिड़क दें तथा कार्य बोलकर चले जाएं तो कार्य निश्चित ही बन जाता है।
 सावन के महीने में जब पहली बरसात हो तो बहते पानी में विवाह करने से दुर्भाग्य दूर हो जाता है।
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19.    अविवाहित व अधिक उम्र की कन्या के विवाह के लिए- 
अगर आपकी लडकी अविवाहित है या उसकी उम्र बहुत ज्यादा हो चुकी है इसके कारण विवाह होने में रूकावटें आ रही हो तो इसके लिए एक उपाय है: देवोत्थान एकादशी कच और देवयानी की मिट्टी की मूरतें बनाकर उन मूर्तियों में हल्दी, चावल, आते का घोल लगाकर उनकी पूजा करके उन्हें एक लकड़ी के फट्टे से ढक लेते हैं. फिर उस फट्टे पर कुमारी कन्या को बिठा दिया जाता है तो उसका विवाह हो जाता है।
20    राई से करें दरिद्रता निवारण- 
पैसों का कोइ जुगाड़ न बन रहा हो तथा घर में दरिद्रता का वाश हो तो यह करें: एक पानी भरे घड़े में राई के पत्ते डालकर इस जल को अभिमंत्रित करके जिस भी किसी व्यक्ति को स्नान कराया जाएगा उसकी दरिद्रता रोग नष्ट हो जाते हैं।

21.   स्वप्न में भविष्य जानें इस तरह भी- 
अगर आप स्वप्न में भविष्य की बात मालूम करना चाहते हैं तो जंगल में जाकर जिस वृक्ष पर अमर बेल हो, उसकी सात परिक्रमा कर अमर बेल्युक्त एक लकड़ी को तोड़ लाएं। फिर उस लकड़ी को धुप देकर जला दें तथा लता को सिरहाने रखकर विचार करते हुए सो जाएं तो स्वप्न में भविष्य की बात मालूम हो जाती है।